वन्यजीव Class 9 GSEB Solutions Social Science Chapter 18
Gujarat Board GSEB Textbook Solutions Class 9 Social Science Chapter 18 वन्यजीव Textbook Exercise Important Questions and Answers.
वन्यजीव Class 9 GSEB Solutions Social Science Chapter 18
GSEB Class 9 Social Science वन्यजीव Textbook Questions and Answers
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त में दीजिए:
प्रश्न 1.
भारत के प्राणी-भौगोलिक विभागों की सूची बनाइए ।
उत्तर:
भारत में मिलनेवाली जैवसृष्टि की विशेषताओं की समानताओं और उपस्थिति निवास के आधार पर 9 प्राणी-भौगोलिक भागों में बाँटा गया है :
- हिमालयी प्रदेश
- लद्दाख तथा शुष्क शीतप्रदेश
- हिमालय की वनाच्छादित तलहटी
- हिमालय के वनस्पति विहीन प्रदेश
- उत्तर का मैदान
- राजस्थान का रेगिस्तान
- दक्कन का पठारी प्रदेश
- समुद्री तट
- नीलगिरि की पहाड़ियाँ ।
प्रश्न 2.
वन्य जीव आज संकट में है । इस कथन को समझाइए ।
उत्तर:
- आधुनिक युग में मानव ने अपने स्वार्थ के कारण समग्र वन्य जीवसृष्टि के अस्तित्व के सम्मुख प्रश्नार्थ चिह्न लगा दिया है ।
खाल, माँस, दाँत, बाल, हड्डियों के लिए प्राणियों का शिकार होता है । - जंगलों में पालतू प्राणियों को चराने से तृणहारी की संख्या कम हो रही है तथा तृणहारी की कमी से मांसाहारी प्राणियों पर खतरा मंडरा रहा है ।
- मानव बस्तियों की तरफ आ रहे प्राणियों की सतत मानव के साथ संघर्ष की स्थिति चल रही है, और संघर्ष वन्य जीवों को मोत के मुँह में ले जा रहा है ।
- वन्य जीवों के प्राकृतिक आवासों तक पहुँचते प्रदूषण का प्रभाव घातक होता है ।
- जंगल विस्तार में कमी, मानव की वनों में प्रवृत्तियाँ, आश्रयस्थल छिनने, अकाल, दावानल आदि के कारण वन्य जीव आज संकट में हैं ।
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प्रश्न 3.
वन्यजीव संरक्षण की विविध परियोजनाओं का संक्षिप्त परिचय दीजिए ।
उत्तर:
सन् 1972 में सिहों की परियोजनाएँ अमल में रखी थी । कश्मीरी बारहसिंगा नामक हिरण की दुर्लभ प्रजाति के लिए हंगुल परियोजना, खारे पानी के मगरों के लिए मगरमच्छ योजना, भारतीय गेंडे के संरक्षण के लिए गेंडा परियोजना और हिमतेंदुआ परियोजना मुख्य है ।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के विस्तार से उत्तर दीजिए :
प्रश्न 1.
भारत का वन्यजीव-वैविध्य को विस्तारपूर्वक समझाइए।
उत्तर:
भारत की वैविध्यपूर्ण वन्य जीवसृष्टि:
भारत के भूपृष्ठ में विशाल नदी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, पर्वतीय प्रदेश, दलदली क्षेत्र, समुद्र तट तथा सघन वनस्पतियों वाले सदाबहार वन, मौसमी (पतझरवाले) जंगल, हिमालय के उच्च पर्वतीय प्रदेश में आए हुए शंकुद्रुम वनों का वैविध्य वन्यजीवों के निवास के लिए विस्तृत पृष्ठभूमि बनाते हैं। दक्षिण के प्रायद्वीपीय वर्षा वाले वनों में एशियाई हाथी, ब्रह्मपुत्र नदी के दलदली क्षेत्र में एकसिंगी भारतीय गेंडा, हिमालय के ऊँचाईवाले क्षेत्र में हिम तेंदुआ, जम्मू-कश्मीर में जंगली बकरियाँ और कस्तूरी मृग, दक्षिण भारत के वनों में जंगली भैंसे (भारतीय बायसन) मध्य भारत तथा पश्चिम बंगाल में बाघ, कच्छ के छोटे रेगिस्तान में जंगली घुड़खर और बड़े रेगिस्तान के जलप्लावित क्षेत्र में सुरखाब दिखाई देते हैं।
घास के मैदानी क्षेत्र में लुप्तप्राय पक्षी टोकदार (घोराड़) (ग्रेट इंडियन बस्टार्ड) की उपस्थिति अभी-पिछले वर्षों में पुनः दिखाई दी है। जलप्लावित क्षेत्रों में शीतऋतु में ठंडे प्रदेशों से अनेक जाति के यायावर पक्षी उतरते हैं, उनमें साइबेरियन क्रेन, तिब्बत्तीयन बतक, कुंज, करकरा आदि मुख्य हैं। पश्चिमी घाट के घने वनों में उड़ती गिलहरी पाई जाती है। निकोबारी कबूतर निकोबार में मिलनेवाले दुर्लभ पक्षी हैं। कच्छ की खाड़ी
और लक्षद्वीप समूह में मूंगे की दुर्लभ प्रजातियाँ देखने को मिलती हैं। स्तनधारियों और पक्षियों के साथ-साथ सरीसृपों को भी विभिन्न जातियाँ, जिनमें नाग, अजगर, गेहुवन, गोह भी उल्लेखनीय हैं। समुद्र किनारे तथा जल क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की मछलियाँ, समुद्री साँप, डॉल्फिन, शार्क, दरियाईगाय (डुगांग) आक्टोपस तथा वेल जैसी जीवसृष्टि की दुनिया है।
जंगली इलाके के अलावा जहाँ खेती होती है ऐसे कृषि क्षेत्रों में गोचर और परती जमीन में सियार, भेड़िया, नीलगाय, हरिण, नेवला, खरगोश, जंगली सुअर, साही इत्यादि जैसे प्राणी हैं तथा इन्हीं इलाकों में विविध प्रकार के पक्षी, जिनमें कोयल, तोता, मोर, बया, उल्लू, पीलक, खूसट, चमगादड़, मैना, बगुला आदि विहार करते हुए देखे जा सकते हैं।
प्रश्न 2.
वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन-से उपाय करने चाहिए ?
उत्तर:
‘वन्य जीव हमारे मित्र है, पर्यावरण के रक्षक है’ उनके संरक्षण के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए :
- उनके कल्याण और रक्षण के लिए सर्वप्रथम प्रत्येक नागरिक में जागृति लानी चाहिए ।
- जैविक संरक्षण केन्द्रों के निर्माण पर अधिक बल देना चाहिए ।
- प्रकृति शिक्षण शिबिरों द्वारा वन्य जीवों के प्रति नागरिकों में सजगता लाने का प्रयत्न करना चाहिए ।
- पारिस्थितिक संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा के सभी अंगों के विषय में यथासंभव संशोधन कार्यों को प्रोत्साहित करना। चाहिए।
- प्राकृतिक तंत्र के विषय में शिक्षा-प्रशिक्षा की सुविधा प्रदान करना ।
- अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों के विकास में सहयोग करना ।
- वन्य प्राणी सुरक्षा कानून बनाना तथा उसे कड़ाई से लागू करना चाहिए ।
3. योग्य विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए:
प्रश्न 1.
भारत को कुल कितने प्राणी-भौगोलिक प्रदेशों में बाँटा गया है ?
(A) नौ
(B) चार
(C) छः
(D) आठ
उत्तर:
(D) आठ
प्रश्न 2.
समग्र विश्व की जीवसृष्टि में कुल कितनी प्रजातियों का उल्लेख है ?
(A) 72 लाख
(B) 15 लाख
(C) 18 लाख
(D) 19 लाख
उत्तर:
(B) 15 लाख
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प्रश्न 3.
उड़ती गिलहरियाँ कहाँ पर देखने को मिलती हैं ?
(A) कच्छ के बड़े रण में
(B) हिमालय के उच्च पर्वतीय क्षेत्र में
(C) दलदली विस्तारों में
(D) पश्चिमीघाट के घने
उत्तर:
(D) पश्चिमीघाट के घने